राहु देव

 

ज्योतिष शास्त्र के अन्तर्गत राहु देव को एक पापी ग्रह माना जाता है। वैदिक ज्योतिष में राहु को कठोर वाणी, जुआ, यात्राएँ, चोरी, दुष्ट कर्म, त्वचा के रोग, धार्मिक यात्राएँ आदि का कारक कहते हैं। राशि चक्र में राहु को किसी भी राशि का स्वामित्व प्राप्त नहीं है। वैदिक पद्धति में मिथुन राशि में यह उच्च होता है और धनु राशि में यह नीच होता है। लाल किताब पद्धति में मिथुन एवं कन्या राशियों में यह उच्च होता है साथ ही धनु एवं मीन राशियों में यह नीच होता है।