top of page
03.png

Gemini
मिथुन
का की कू घ ङ छ के को ह

Gemini.jpg

परिचय

         मिथुन राशि भचक्र में तृतीय राशि है। इसका उद्भव मिथुन तारामंडल से माना जाता है। राशि का प्रतीक युवा दंपति है। जातक के अंदर माया के प्रति भावना पाई जाती है। अपने जीवनसाथी के प्रति हमेशा ही शक्ति बनकर प्रस्तुत होते हैं, साथ ही घरेलू कारणों के चलते कई बार आपस में तनाव भी हो जाता है। वाहनों की अच्छी जानकारी रखते हैं। नए-नए वाहनों और सुख के साधनों के प्रति इनका आकर्षण अत्यधिक होता है। इनका घरेलू जीवन में साज-सज्जा के प्रति झुकाव देखा जाता है। जातक वचनों के पक्के होते हैं। जातक में ईश्वरीय तत्व विद्यमान होता है। इस राशि के लोगों में ब्रह्मांड के बारे में पता करने की योग्यता जन्मजात होती है। इनका वायुयान और सेटेलाइट के बारे में जानने की इच्छा होती है। जातक के अंदर शिक्षा और शक्ति होती है। जातक का कार्य शिक्षा संस्थानों में या बिजली पेट्रोल या बाहर वाले कामों की ओर होता है।

एक बार में एक ही कार्य कर पाता है और पूरा जीवन कार्य करना इनके लिए फल दिन रहता है मर्यादा होती है. जो उसे घर में करती है और सामाजिक और धार्मिक कार्यों में अपने को रमा लेते हैं गुरु जो ज्ञान का मालिक है उसे मंगल का साथ मिलने पर कुछ प्रदान करने के लिए और रक्षा आदि विभागों की ओर ले जाता है. जातक अपने ही विचारों अपने ही कारणों से उलझा रहता है। मिथुन राशि पश्चिम दिशा की घोतक है जो समय में जन्म लेते हैं। वह मिथुन राशि के कहे जाते हैं. बुध की धातु पारा है इन जातकों का स्वभाव गर्मी में ऊपर नीचे होने वाला होता दूसरों की मन की बातें पढ़ने दूरदृष्टि बहुमुखी प्रतिभा अधिक चतुराई से कार्य करने की क्षमता होती है या को बुद्धि वाले कामों में ही सफलता मिलती है अपने आप पैदा होने वाली माता से इस राशि के लोग कुशल कूटनीतिक और राजनीतिक बन जाते हैं हर कार्य में जिज्ञासा और खुशी दिमाग होने के कारण इस राशि के लोग अन्वेषण में ही सफलता लेते रहते हैं और पत्रकार लेखक मीडिया कर्मी भाषाओं की जानकारी योजनाकार भी बन सकते हैं।

02.png

।। हरि ॐ  हरि ॐ  हरि ॐ ।।

।। शुभ हो  शुभ हो  शुभ हो ।।

04.png
bottom of page